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Showing posts from April, 2020

Part : 4

दस वर्षों तक बहुत भयंकर युद्ध हुआ। कई देशों मे विद्रोहियों ने परमाणु बम पर कब्ज़ा कर लिया और उनमे विस्फ़ोट कर दिया। इसमें लाखों लोग मारे गए। एक तरह से दुनिया की आधी आबादी ख़त्म हो गई। अपनी इस गलती पर विद्रोहियों को बहुत अफ़सोस हुआ तब उन्होंने "V A E" से संधि का प्रस्ताव भेजा। जो की मान लिया गया। "V A E" ने भी वैक्सीन का लोगों पर प्रयोग बंद कर दिया और एक नई वैक्सीन बनाने के लिए अपने वैज्ञानिको को बोला क्योंकि उसे भी लगा की इस वैक्सीन से दुनिया मे मानव जाति ख़त्म हो सकती है। लेकिन इस परमाणु युद्ध ने बहुत तबाही फैला दी। कई ऐतहासिक इमारते, "V A E" द्वारा बनाई गई फैक्ट्री, स्कूल, अस्पताल करीब-करीब सभी तबाह हो चुके थे। वायरस को दुनिया मे आये 60 वर्ष हो चुके थे। जिन लोगों मे वैक्सीन से वायरस ख़त्म हुआ था। वो दोबारा संक्रमित हो चुके थे। लोग भूखे मरने लगे।वायरस अपना रूप बदलने लगा। लोगों मे बेचैनी, गुस्सा भरने लगा। सभी तरह की खेती ख़त्म हो गई। इस तरह से २० वर्ष बीत गए। अफ्रीका जैसे देशों मे लोगों ने एक दूसरे को खाना शुरू कर दिया। वायरस पूरी तरह से दिमाग पर हावी ...

Part : 3

आखिरकार यूरोप मे वैज्ञानिकों ने वायरस से निपटने के लिए एक वैक्सीन बनाने मे सफ़लता प्राप्त कर ली। जो की कोरोना वायरस को जड़ से ख़त्म करने मे कारगर थी। लेकिन इसमें एक बहुत बड़ा साइड इफ़ेक्ट था। इस वैक्सीन को लेने से वायरस तो ख़त्म हो सकता है लेकिन औरतो मे बाँझपन की बीमारी जन्म ले सकती है। इस कारण हर देश मे वैक्सीन को लेकर दो गुट बन गए। कुछ इस वैक्सीन के साथ थे और कुछ ख़िलाफ़। इसलिए पहले पुरुषों पर इस वैक्सीन का प्रयोग किया गया जो की कारगर सिद्ध हुआ। लेकिन वायरस को पूरी तरह से ख़त्म करना "V A E" का मक़सद था। इसलिए उसने एक चाल चली। जो लोग वैक्सीन के ख़िलाफ़ थे उन लोगो का "V A E" ने रोज़गार छीन लिया उन्हें किसी भी तरह की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ छीन ली गई ताकि वो लोग मजबूर हो जाए और उनके आगे झुक जाये। भूखमरी ने एक बार फिर से जन्म ले लिया। लोग भूख से दम तोड़ने लगे। "V A E" की सख़्ती बढ़ने लगी लेकिन लोग झुकने को तैयार नहीं हुए। लोगो को अब जबरदस्ती वैक्सीन दी जाने लगी। आख़िरकार विद्रोह ने जन्म लिया। हर घर मे "V A E" से लड़ने के लिए हथियार बनाये जाने लगे। विद्रोह को...

Part : 1

इंसान को धरती से खत्म हुए आज 200 वर्ष हो चुके है। वैसे तो 150 वर्ष हो चुके है। लेकिन मैंने पिछले 50 वर्षों से इस धरती पर कोई जीवित व्यक्ति नहीं देखा। पता नहीं सब कहा चले गये। इस तबाही   का जिम्मेदार कोई नुक्लिएर   बम नहीं , कोई एस्ट्रोइड नहीं , कोई ग्लेशियर का पिघलना नहीं।   इस तबाही का नाम   था कोरोना वायरस। जो की एक बिंदु से भी 2000 गुना छोटा था। आज से 200 वर्ष पहले। इयर   2019 मै यह वायरस चीन से   पनपा और पूरे यूरोप , अमरीका , अफ्रीका , ऑस्ट्रेलिया   और एशिया मैं फैलता चला गया। दुनिया मे   6 महीने के भीतर ही चार   लाख लोग मारे गए। कई देशो ने मिलकर इसे खत्म करने की कोशिश की। कितने ही प्रयोग किये गये   वैक्सीन , मेडिसिन बनाए गये लेकिन फिर भी इसे पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाये। कुछ देशो मे खत्म भी हुआ लेकिन बदलते मौसम के साथ दुगनी रफ़तार से दोबारा पनपा। और ज्यादा ताक़त के साथ। दुनि...

Part : 2

कितने ही देशों का तो अस्तित्व ही मिट गया। कितनी ही मशहूर हस्तियां दुनिया को विदा कर गई। इन दस सालो मे दुनिया मे बहुत कुछ ख़राब हो चुका था। रोज़गार केवल  २५% लोगो के पास ही था। इंसान अपने परिवार को पालने के लिए किसी भी हद तक जा सकते थे। इन दस सालो मे वायरस ने अपना रूप काफी विकसित कर लिया था। देश की सड़को पर हमेशा आर्मी घूमती रहती थी। बार-बार लॉक डाउन के कारण व्यापार पर बहुत गलत असर हो रहा था। दुकानदारों ने मुनाफा कमाने के लिए दुगने दाम पर सामान बेचना शुरू कर दिया और ग़रीब व्यक्ति जब बहुत परेशान हुआ तब उसने अपने परिवार को पालने के लिए लूटपाट शुरू कर दी। इंसानियत रोज ही शर्मसार होने लगी। ऐसे समय मे सभी देशो ने एक फ़ैसला लिया। एक संघठन का निर्माण किया गया। जिसका नाम था ''V A E''. जिसका मुख्यालय था चीन जो की दुनिया की एक महाशक्ति बन चुका था। सभी देशो मे  ''V A E'' की संस्थाए खोली गई। देश के हर कोने मे  ''V A E'' की संस्थाए थी। संस्था का काम लोगो को तौर तरीकों से जीना सिखाना था। जो की लोगो भूल चुके थे। सभी देशों मे व्यापार को सुचारु रूप से चल...